वाराणसी में वसंत पंचमी पर होगा बाबा विश्वनाथ का तिलकोत्सव, पंचबदन रजत मूर्ति की होगी मंगला आरती

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बसंत पंचमी 2022

वाराणसी में वसंत पंचमी पर होगा बाबा विश्वनाथ का तिलकोत्सव, पंचबदन रजत मूर्ति की होगी मंगला आरती

महाशिवरात्रि पर बाबा का विवाह रंगभरी एकादशी पर गौना तो इससे पहले वसंत पंचमी पर तिलकोत्सव किया गया। काशीवासी परंपरानुसार तिलक की रस्म पूरी करते हैं। बाबा की पंचबदन मूर्ति की मंगला आरती के बाद परंपरानुसार दिन भर तिलकोत्सव के लोकाचार संपादित होंगे

वाराणसी। विद्या की देवी माता सरस्वती की पूजा-आराधना का पर्व वसंत पंचमी माघ शुक्ल पंचमी को मनाया जाता है। यह इस बार पांच फरवरी को पड़ रहा है। तिथि विशेष पर स्नान-ध्यान के साथ ही वाग्देवी की पूजा-आराधना की जाएगी तो बाबा श्रीकाशी विश्वनाथ का तिलकोत्सव भी मनाया जाएगा। टेढ़ीनीम स्थित महंत आवास पर परंपरानुसार सुबह से शाम तक रस्म पूरी की जाएगी।
मान्यता है कि महाशिवरात्रि पर बाबा का विवाह, रंगभरी एकादशी पर गौना तो इससे पहले वसंत पंचमी पर तिलकोत्सव किया गया। काशीवासी परंपरानुसार तिलक की रस्म पूरी करते हैं। महंत डा. कुलपति तिवारी ने बताया कि पांच फरवरी को भोर चार बजे बाबा की पंचबदन मूर्ति की मंगला आरती के बाद परंपरानुसार दिन भर तिलकोत्सव के लोकाचार संपादित होंगे। सुबह छह से आठ बजे तक 11 वैदिक आचार्यों द्वारा चारों वेदों की ऋचाओं के पाठ के साथ बाबा का दुग्धाभिषेक कर विशेष पूजन किया जाएगा। दोपहर में आरती में फलाहार के साथ विजयायुक्त ठंडई का भोग अर्पित किया जाएगा।
इस दौरान महिलाएं मंगल गीत गाएंगी। सायंकाल पांच बजे से भक्तों को बाबा विश्वनाथ का दूल्हा (राजसी) स्वरूप में दर्शन होगा। शहनाई की मंगल ध्वनि और डमरुओं की डिम-डिम के बीच शाम सात बजे तिलकोत्सव की रस्म पूरी की जाएगी। सात थाल में तिलक की सामग्री लेकर उद्यमी केशव जालान शोभायात्रा के रूप में महंत आवास पहुंचेंगे और काशीवासियों की ओर से बाबा का तिलक चढ़ाएंगे।

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